सरदार पटेल और मेट्रो प्रोजेक्ट के ठेके का पूरा सच

reality-of-pate-statue-of-sardar-and-nagpur-metro-china-connection-11018-1

देश की जनता जहा पर चीन के समान का बहिष्कार कर रही है, और इस मामले में सरकार भी मेक इन इंडिया के प्रोजेक्ट के साथ चीन की कमर तोड़ने में लगी हुई है | वही कांग्रेस और अन्य दल यह अफवाह उड़ाने में लगे हुए है की सरदार पटेल की मूर्ति और नागपुर में मेट्रो का ठेका चीन की कंपनी के पास है |

तो आईये जानते है क्या है सचाई, आपको बताना चाहेंगे की सरदार पटेल की 3000 करोड़ की मूर्ति का ठेका भारतीय कंपनी L & T के पास में मजूद है न की चीन की किसी कंपनी के पास, और एल एंड टी ने ब्रॉन्ज प्लेट चीन से मंगवाए है जो की 3000 करोड़ की कुल कीमत का केवल 9 प्रतिशत है बाकी सारा कुछ भारत में ही बना प्रयोग होगा | यह एल एंड टी की अपनी योजना है जिसमे सरकार का कोई हाथ नहीं है |

इसके इलावा एल ई डी बल्ब बाँटे सरकार जो बाँट रही है वो 10 रूपए का एक पड़ा है और सरकार इसे 85 रूपए में बेचकर 75 रूपए प्रति बल्ब अपने सरकारी खाते में डाल रही है | सरकार ने 2 करोड़ बल्ब बांटे का लक्ष्य रखा हुआ है और लगभग एक साल में 1000 करोड़ की बचत करने का लक्ष्य रखा है | कांग्रेस अपने समय में सी. ऍफ़. एल. लाइट बिकवाती थी जो महंगी खरीदकर महंगा बेचा जाता था और बिजली भी बहुत अधिक खर्च होती थी |

अब आपको बताना चाहेंगे की नागपुर मेट्रो का प्रोजेक्ट IL&FS engineering and construction company limited के पास है जो 532.67 करोड़ का पूरा प्रोजेक्ट है | यह कोई चीन की कंपनी नहीं बल्कि हैदराबाद की कंपनी है और नए राज्य बने तेलंगाना में स्थित है | लेकिन हाँ, चीन की कंपनी के पास CRRC को बोगीयों का टेण्डर ओपन एन आई टी के जरिये 3 अलग अलग कंपनियों के सामने सबसे न्यूनतम रेट होने के कारण मिला है |

reality-of-pate-statue-of-sardar-and-nagpur-metro-china-connection-11018-3

यह इस कंपनी को मिला छठा टेंडर है, लेकिन आपको बताना चाहेंगे की इस टेंडर के साथ वो हमें टेक्नोलॉजी भी देंगे जिसका इस्तेमाल भाड़ में हमारी भारतीय कम्पनिया काम प्राइस में बोगियां बनाने में सक्षम हो जाएँगी |

महत्वपूर्ण बात यही है की देश के भविष्य के लिए नयी टेक्नोलॉजी जो देश में अभी विकसित नहीं है उसके लिए दूसरे देश से सस्ती और बेहतर टेक्नोलॉजी लेना कोई बुरी बात नहीं है | टेक्नोलॉजी मिलने के बाद हम लोग उसका इस्तेमाल भारत में कर सकेंगे और साथ में उसे विदेशों में निर्यात भी कर सकेंगे |

अगर मान लीजिये कोई इंसान उच्च शिक्षा पाने के लिए विदेश में जाता है और वह से शिक्षा ग्रहण करके भारत में आकर कोई बिज़नेस या कोई नयी टेक्नोलॉजी भारत में विक्षित करता है तो उसमे क्या बुराई हो सकती है ? लेकिन कुछ राजनीतिक दल इसका विरोध करेंगे की उसने फीस या अड्मिशन (टेक्नोलॉजी लेने) के नाम पर विदेश के कॉलेज या यूनिवर्सिटी (कंपनी) में पैसे दिए है |

कृपया अपने दिमाग का इस्तेमाल करें, विपक्ष में बैठे राजनीतिक दलों के ऊपर ज्यादा विशवास न करें | जो ओसामा बिन लादेन जैसे आतंकवादी को ओसामा जी और सेना के अध्यक्ष को गली का गुंडा कहते है ऐसे लोग अपना चुनाव के समय धर्म परिवर्तन कर हिन्दू तो कभी मुसलमाल भी कहते है, कृपया ऐसे लोगो और राजनेताओं की बातों में ना आए |

Bhakat News

We Provide Political News, Bollywood Masala, Sports News, Health Related Tips, Mythological Stories, Science & Technology Related Updates.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

4 × two =

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.