हरजीत मसीह ने इराक से आने के बाद सुषमा स्वराज को बताया झूठा

0
harjeet-maseeh-said-sushma-swaraj-is-lying-to-lie-200318-3

harjeet-maseeh-said-sushma-swaraj-is-lying-to-lie-200318-1

बहुत ही दुःखद समाचार देते हुए मंगलवार को संसद मेंके मोसुल में 2014 मेंद्वारा अगवा किए गए 39 भारतीयों की मौत की पुष्टि सुषमा स्वराज ने कर दी है | विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बताया की हमने पुष्टि के लिए रडार का इस्तेमाल करके शवों का पता लगाया और फिर डीएनए के जरिए शवों की पुष्टि की है |

यह ब्यान देते हुए पंजाब के रहने वाले पूर्व सिख जो धर्म परिवर्तन करके अब ईसाई बन चुके है हरजीत मसीह की कहानी को गलत बताया | आपको बता दे की आईएस के आतंकियों ने कुल 40 भारतियों को बंधक बनाया था जिसके से पूर्व सिख और माजूदा ईसाई हरजीत मसीह बच कर निकलने में कामयाब रहे थे |

खुद को झूठा साबित होने की खबर मिलते है हरजीत मसीह मीडिया के सामने आये और उन्होंने कहा की सुषमा स्वराज झूठ बोल रही है और मैं सच बोल रहा हु | आपको बता दे हरजीत मसीह के अनुसार पकडे जाने के बाद आतंकी 40 भारतियों को किसी पहाड़ी पर ले गए थे जहा उनके मोबाइल जब्त कर लिए गए थे |

harjeet-maseeh-said-sushma-swaraj-is-lying-to-lie-200318-2

40 भारतियों को पहाड़ी पर किसी दूसरे ग्रुप को सौंप दिया था और उन्होंने हमें 2 दिनों तक अपने पास रखा फिर एक दिन उन्होंने हमें एक लाइन में खड़ा होने को कहा जिसके बाद हमपर गोलियां बरसाई गयी मुझे सिर्फ एक गोली लगी थी वो भी पैर के पास और मैं वही जमीन पर लेटा रहा |

मैंने दर्द के बावजूद कोई हलचल नहीं की और चुपचाप मरने का नाटक करने लगा जिसके बाद वह से सारे आतंकी चले गए और मैं वह से भाग गया | वहीं सुषमा स्वराज ने इस कहानी को गलत बताया और उसके कुछ तथ्य भी दिए |

सुषमा स्वराज ने कहा की 40 भारतियों के साथ साथ बांग्लादेशी युवको को भी बंधक बनाया गया था जिन्हे बाद में इरबिल पहुंचा दिया गया था | हरजीत मसीह ने अपने बॉस के साथ सेटिंग करके खुद का नाम अली बताया था और वो बांग्लादेशी ग्रुप में शामिल हो गया था |

harjeet-maseeh-said-sushma-swaraj-is-lying-to-lie-200318-5

इस बात की पुष्टि इस लिए हो पायी क्यूंकि हरजीत मसीह का फ़ोन उन्हें इरबिल से ही आया था और जब सुषमा स्वराज ने हरजीत मसीह से पूछा था की आप इरबिल पर कैसे पहुंचे तो हरजीत मसीह ने कहा मुझे नहीं पता मैं कैसे पहुंचा बस आप मुझे बचा लीजिये |

सुषमा ने आगे कहा, “मैंने उनसे पूछा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि आपको कुछ भी नहीं पता? तो उसने बस यह कहा कि मुझे कुछ नहीं पता, बस आप मुझे यहां से निकाल लो |” अब इस बात को और बेचिदा बनाते हुए हरजीत मसीह भी अपनी बात पर कायम है |

लेकिन सोचने वाली बात है आखिर कैसे उन आतंकियों के बन्दूक से निकली गोलियों से 39 भारतियों की मौत हो गयी और एक के सिर्फ पैर के पास गोली लगी ? दूसरा हरजीत मसीह खुद बताते है की वो उन्हें किसी अनजान पहाड़ी पर ले गए थे फिर पैर पर गोली लगने के बावजूद वो पहाड़ी से निचे उतर कर ठीक बांग्लादेशी ग्रुप वाली जगह इरबिल कैसे पहुँच गए ?

आखिर कैसे 2 दिनों का भूखा इंसान जिसके पैर पर गोली लगी हो वो अनजान पहाड़ी से उतर कर ठीक बांग्लादेशी ग्रुप वाली जगह इरबिल पहुँच कर सुषमा स्वराज को फ़ोन करता है और यह कहता है की मुझे नहीं पता मैं इरबिल कैसे पहुंचा इस बात पर यकीन करना अपने आप को धोका देने के समान है |

अगर थोड़ा गौर करे तो अकसर हरजीत मसीह को पंजाब में आम आदमी पार्टी के नेता भगवंत मान के साथ देखा जाता है | तो कही यह राजनैतिक साजिश का शिकार तो नहीं ? खैर सच क्या है यह तो आने वाला वक़्त ही बताएगा |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

16 + fourteen =