Bitcoin को लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने दिया बड़ा बयान

0
arun-jaitley-says-bitcoin-not-a-legal-tender-in-india-2118-1

arun-jaitley-says-bitcoin-not-a-legal-tender-in-india-2118-2

भारतीय सरकार ने मंगलवार को साफ़ कर दिया है की BITCOIN क्रिप्टो करेंसी (गुप्त लेन-देन में इस्तेमाल होने वाली मुद्राएं) भारत में वैध मुद्रा (लीगल टेंडर) बिलकुल भी नहीं है | वित् मंत्री अरुण जेटली ने कहा है की क्रिप्टो करेंसी विनिमयन की मांग पर सरकार एक विशषज्ञों की टीम गठित कर रही है |

आपको बताना चाहेंगे की राज्यसभा में प्रश्न काल के दौरान वित् मंत्री अरुण जेटली ने द्रमुक सदस्य कनिमोझी के एक पूरक प्रश्न के उत्तर देते हुए बताया की वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग के सचिव की अध्यक्षता में बनी विशेषज्ञ समिति विशिष्ट कार्रवाइयों को सुझाने के लिए क्रिप्टो करेंसी से संबंधित सभी मुद्दों पर विचार-विमर्श कर रही है |

वित् मंत्री अरुण जेटली ने सदन में दिए आपने ब्यान में बताया की 2013 से 2017 तक भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और सरकार का रुख बहुत साफ रहा है कि बिटकॉइन जैसी क्रिप्टो करेंसी भारत में वैध मुद्रा नहीं है | बिटकॉइन और एथिरियम जैसी क्रिप्टो करेंसियों को विनियमित करने के संबंध में कनिमोझी ने सवाल पूछा था कि क्या सरकार इसे विनियमित करने में विचार कर रही है ?

कनिमोझी के सवाल पूछने का कारण था की इस वक़्त सरकारी आंकड़ों के हिसाब से भारत में 11 प्रतिशत से अधिक व्यापार वैश्विक क्रिप्टो करेंसी से हो रहा है | वित् मंत्री अरुण जेटली ने कहा इसकी सबसे बड़ी समस्या यह है की यह किसी सरकार के द्वारा बनाई की करेंसी नहीं है |

arun-jaitley-says-bitcoin-not-a-legal-tender-in-india-2118-3

इस करेंसी का लें दें दो अनजान व्यक्ति के एक दूसरे पर विश्वास के ऊपर निर्भर है | इसका पूरा लें दें बहुत गोपनीय तरीके से होता है और इसे आभासी समुदाय की और से सृजित किया जाता है | वित् मंत्री ने बताया की पूरी दुनिया में अभी 785 आभासी मुद्राएं चल रही है जिसमे से भारत में अभी 11 मुद्राओं के लेन देन सामने आये है |

वित् मंत्री अरुण जेटली ने बताया की 2016 में गठित एक अंतर-विभागीय समिति ने क्रिप्टो करेंसी को लेकर फैसला किया था की हमें इस पर जल्द ही कुछ सावधानिया बरतनी होंगी | हमें लोगो तक इस बात को पहुँचाना पड़ेगा की यह गैरकानूनी है और यह दुनिया की किसी सरकार के अंदर नहीं आती |

निर्दलीय राजीव चंद्रशेखर ने क्रिप्टो करेंसियों के बारे में सुझाव दिया की सरकार बैंकों को डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या इंटरनेट के जरिये खरीदी जाने वाली क्रिप्टो करेंसी पर रोक लगाने को क्यों नहीं कहती | इस पर अरुण जेटली ने सदन में जवाब देते हुए कहा की सरकार विशेषज्ञ समूह की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है जिसके बात इसके सही निर्णय लेकर आगे काम कर सके |

दुनिया में बहुत सारी क्रिप्टोन करेंसी है और उनको खरीदने के लिए बहुत सारी वेबसाइट्स इसलिए अचानक से कोई कार्यवाही करना असंभव है इसलिए रिपोर्ट आने तक हमें इंतजार करना चाहिए | ताकि हम बाद में एक सही और सटीक निर्णय तक पहुँच कर कोई फैसला करेंगे |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

4 × five =